‘तिरिल रेदो हो तारोब रेदो’ Mundari Song ‘SASANG BAA’ by Kande Munda

sasan baa

तिरिल रेदो हो तारोब रेदो

तिरिल रे दो हो-तारोब रेदो
चुटि कोतो रेञ चाड़ांक मेआ
इलि रेदो हो आरकि रेदो
डुबा डुबुरि तेञ होरोः मेआ।

सोना रेदो हो सामोड़ोम रेदो
उटि-उटि होञ सिंगारेन तेमा,
रानू रेदो हो जिंआड़ां रेदो
बिना रुआ तेगेञ नू हाड़ागु मेआ।

साड़ी रेदो हो पाड़िआ रेदो
इंड़िका लातारे रेञ किचिरिन तेमा
झुला रेदो होनोङ पाएला रेदो
कुड़ाम-कुड़ामे तेञ ओमे तामा।

चाण्डुः रेदो हो इपिल रेदो
जानाओ निदा बोलेञ लेका मेआ
नासिब ताञाः होनाङ सोओजे रेदो
कुड़ाम कुकुरु रेञ आदेर मेआ।

यदि तुम केंदू होते या चार होते

(यदि तुम) केंदू होते या च्चार होते,
तो तुम्हारी चोटी पर हम अपनी निशानी बाँधते
(यदि तुम) इलि होते या शराब होते,
तुम्हें हम कटोरी पर कटोरी लेकर पीते।

(यदि तुम) सोना होते, या सुनहरे होते,
(तो उससे) हम अपने अंग-अंग श्रृंगार करते
(यदि तुम) दवा होते, या औषधि होते,
तो तुम्हें हम, बिना बीमारी के ही पी लेते

(यदि तुम) साड़ी होते या पड़िअ होते,
(तो) हम एड़ी के नीचे तक पहनते।
यदि तुम चोली होते या आंचल होते,
तो हम अपनी छाती के बीच तुम्हें बिठाते।

(यदि तुम) चांद होते या तारे होते,
(तो) हम हर रात को तुम्हें गिना करते।
(यदि) हमारा नसीब सीधा होता
(तो) हम तुम्हें अपने मन मन्दिर में ले आते।

‘ससं-बा’ पीले फूल (काण्डे मुण्डा)

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